महादानवीर सम्राट कश्यप महाराजा बलि के इतिहास के कुछ साक्ष्य ● ऐसे हुई कश्यप राजा बलि की उत्पत्ति :
ॐ नमो निषाद अधिपति गुह्य राज निषाद महादानवीर सम्राट कश्यप महाराजा बलि के इतिहास के कुछ साक्ष्य ● ऐसे हुई कश्यप राजा बलि की उत्पत्ति : कश्यप ऋषि की पत्नी दिति के दो प्रमुख पुत्र हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष थे। हिरण्यकश्यप के 4 पुत्र थे - अनुहल्लाद, हल्लाद, भक्त प्रह्लाद और संहल्लाद। प्रह्लाद के कुल में विरोचन के पुत्र राजा बलि का जन्म हुआ। जब हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष का जन्म हुआ था, तब धरती पर अंधकार छा गया था। देवी और देवताओं के साथ ही ऋषियों ने घोषणा की थी कि धरती पर अब शैतानी शक्ति का उदय हो गया है। सभी ने इसके प्रति चिंता व्यक्ति की थी। ● दक्षिण भारत में था राजा बलि का राज्य : कश्यप राजा बलि का राज्य संपूर्ण दक्षिण भारत में था। उन्होंने महाबलीपुरम को अपनी राजधानी बनाया था। आज भी केरल में ओणम का पर्व राजा बलि की याद में ही मनाया जाता है। राजा बली को केरल में ‘मावेली’ कहा जाता है। यह संस्कृत शब्द ‘महाबली’ का तद्भव रूप है। इसे कालांतर में ‘बलि’ लिखा गया जिसकी वर्तनी सही नहीं जान पड़ती। देश भर में कई ऐसे समुदाय हैं जो राजा बली के राज्य में प्रजाओं की सुख-समृद्धि को...